, May 4 -- मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जूनैद आलम ने अपने संबोधन में ट्रांसजेंडरों के मौलिक अधिकारों, समाज के दायित्व और उनके सम्मानजनक जीवन के अधिकार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनके हितों की रक्षा के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं, लेकिन आवश्यक है कि समाज उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में सकारात्मक भूमिका निभाए और उनके प्रति संवेदनशील बने।
अमिटी लॉ स्कूल, पटना के सहायक प्रोफेसर आशुतोष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में न्यायपालिका और सरकार ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों एवं सामाजिक समानता को सुनिश्चित करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही हैं। वहीं, दरभंगा बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक अमितेश कुमार ने जिले के सभी थानाध्यक्षों से ट्रांसजेंडरों के अधिकारों के संरक्षण के प्रति सजग रहने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित मंगलामुखी समुदाय के सदस्यों को अपने अधिकारों के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन तथा अपने पाल्यों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आगे आने के लिये प्रेरित किया गया।इस दौरान स्थल पर स्वास्थ्य जांच, पहचान पत्र एवं आधार कार्ड से संबंधित समस्याओं के समाधानके लिये विशेष शिविर भी लगाया गया, जिससे वंचित लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
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