, June 2 -- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने पुलिस, प्रखंड प्रशासन और भूमि संबंधी मामलों को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में रखा है क्योंकि सबसे अधिक शिकायतें इन्हीं विभागों से जुड़ी होती हैं। सहयोग शिविरों में सभी विभागों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन इन तीन विभागों के मामलों की विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी।‎ श्री सरावगी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं को केवल मौखिक रूप से न बताएं, बल्कि उन्हें लिखित रूप में रजिस्टर में दर्ज कराएं, जिससे उनकी जवाबदेही तय हो सके और निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित हो। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी लोगों की समस्याओं को पंजीकृत कराने में सहयोग करने का आग्रह किया।

‎ श्री सरावगी ‎ने कहा कि वर्ष 2005 से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे और सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। अब राज्य सरकार सुशासन से समृद्धि की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बड़े निवेशकों का बिहार में आगमन शुरू हो चुका है और आने वाले समय में राज्य के प्रत्येक जिले में उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

‎ भाजपा ‎प्रदेश अध्यक्ष श्री सरावगी ने जीविका स्वयं सहायता समूहों को महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिहार का विकास देश के विकसित भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करे तथा लोगों को रोजगार और सुविधाओं के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित