पटना , मई 31 -- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता एजाज हुसैन ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बंगले को खाली करने के आदेश को सवालों के घेरे में खड़ा किया और रविवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने प्रदेश की राजनीति में दलित कार्ड खेलने के लिए इस बंगले का आबंटन मंत्री नंदकिशोर राम के नाम से किया गया है।
श्री अहमद ने यूनीवार्ता से कहा कि इसी महीने की 11 तारीख को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार आठ मंत्रियों निशांत कुमार, भगवान सिंह कुशवाहा,कुमार शैलेन्द्र, शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, श्वेता गुप्ता, मिथिलेश तिवारी, रामचंद्र प्रसाद के साथ नंद किशोर राम को भी बंगला आबंटित किया गया। उन्होंने कहा कि आदेश के अनुसार श्री राम को 21, हार्डिंग रोड का बंगला आबंटित किया गया था।
राजद प्रवक्ता श्री अहमद ने कहा कि मंत्री श्री राम को जब पहले से बंगला आबंटित था, तो पुनः 27 मई को एक नया आदेश जारी कर उन्हें वही बंगला आबंटित करने की ऐसी कौन सी आपात स्थिति बन गई थी, जिसमे विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी रहती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम साफ करता है कि उसे मंत्री श्री राम को बंगला आबंटित करने से ज्यादा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को अपमानित करने और प्रदेश की राजनीति में दलित कार्ड खेलने की ज्यादा पड़ी थी। उम्होने कहा कि एक ऐसे मंत्री जिसे पहले से बंगला आबंटित हो गया था, उन्हें बंगला बदल कर आबंटित करना और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को परेशान करना सरकार की मानसिकता को स्पस्ट करता है।
श्री अहमद ने कहा कि आखिर बार-बार राज्य सरकार और उसका भवन निर्माण विभाग श्री राम के आवास को क्यों बदल रहा है। उन्होंने कहा कि कहीं रामचंद्र राम को राजद के खिलाफ दलित राजनीति का मोहरा तो नहीं बनाया जा रहा है।
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