, Oct. 28 -- समाज कल्याण निदेशालय की निदेशक इनायत खान ने कहा कि सरकारी संरक्षण में पले-बढ़े बच्चों को वयस्क जीवन के लिए तैयार करने की प्रक्रिया 18 वर्ष की आयु से पहले ही शुरू होनी चाहिए। इसके लिए उनकी सुरक्षा, शिक्षा और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करना जरूरी है, जिससे संस्थान से बाहर निकलने के बाद वे आत्मनिर्भर होकर अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकें।उन्होंने कहा कि संस्थागत देखभाल से बाहर निकलने वाले युवाओं को केवल संस्थागत सहयोग तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध कराने चाहिए। युवाओं में आत्मविश्वास विकसित करना भी आवश्यक है, जिससे वे अपने फैसले स्वयं ले सकें और अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकें।
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