पटना , जुलाई 28 -- कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार छोटे एवं सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री सिन्हा ने कहा कि महंगे कृषि यंत्रों की खरीद प्रत्येक किसान के लिए संभव नहीं होती है। ऐसे में कस्टम हायरिंग सेंटरों के माध्यम से किसान आवश्यकता के अनुसार किराये पर आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे खेती की लागत में कमी आएगी तथा समय की बचत होगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि चौथे कृषि रोड मैप के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के माध्यम से बिहार में कृषि यंत्रीकरण को व्यापक विस्तार दिया जाएगा। योजना के तहत किसानों को अनुदानित दर पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के साथ-साथ कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि यंत्र बैंक, फसल अवशेष प्रबंधन हेतु स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर तथा किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। योजना के क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक व्यय सहित कुल 236.58 करोड़ की स्वीकृति का प्रस्ताव है।

श्री सिन्हा ने बताया कि योजना के अंतर्गत राज्य में 267 कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत 10 लाख तक होगी, जिस पर लागत मूल्य का 40 प्रतिशत, अधिकतम चार लाख तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त 38 कृषि यंत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे। इसके माध्यम से पात्र समूहों को अधिकतम 10 लाख लागत का 80 प्रतिशत, अधिकतम 8 लाख तक अनुदान प्रदान किया जाएगा।

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