, July 9 -- श्री सिन्हा ने कहा कि कृषि ड्रोन के उपयोग से रासायनिक दवाओं एवं उर्वरकों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। इससे अनावश्यक उपयोग में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। कृषि रसायनों के छिड़काव के दौरान किसानों को सीधे संपर्क में आने से जो स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उत्पन्न होते हैं, उन्हें भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इस प्रकार ड्रोन तकनीक किसानों की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार चौथे कृषि रोड मैप के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को विशेष प्राथमिकता दे रही है। राज्य में कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल कृषि, जल प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण बीजों का उपयोग तथा स्मार्ट कृषि तकनीकों के प्रसार के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है। कृषि ड्रोन योजना इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य किसानों को भविष्य की कृषि के लिए तैयार करना है।
कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल के माध्यम से किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से उपलब्ध कराया जा रहा है। पात्र किसान ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचे और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे। डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से आवेदन, स्वीकृति एवं अनुदान वितरण की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित