, Sept. 23 -- सरकारी तकनीकी संस्थानों में बढ़ते नामांकन के पीछे किफायती शुल्क के साथ शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में ट्यूशन शुल्क 10 रुपये प्रतिमाह और राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में पांच रुपये प्रतिमाह है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने का प्रावधान है। बीटेक में छात्राओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण भी है। विभाग की ओर से तकनीकी संस्थानों में स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और कार्यशालाओं, भाषा प्रयोगशालाओं, छात्रावास, रोजगारपरक प्रशिक्षण, खेल मैदान, ओपन जिम और स्वास्थ्य उपकेंद्र जैसी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है।
पारंपरिक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, बायोमेडिकल, रोबोटिक्स और डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों को भी पाठ्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। पॉलिटेक्निक स्तर पर फायर टेक्नोलॉजी एंड सेफ्टी, माइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, सीएडी/सीएएम और प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी जैसे पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। राज्य के 11 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों के 20 कार्यक्रमों को एनबीए मान्यता मिल चुकी है।
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