, Aug. 2 -- श्री चौधरी ने राज्य में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि सभी प्रखंडों के डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के निकट उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और राज्य में शिक्षा एवं विकास का सकारात्मक वातावरण तैयार होगा। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा को भी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा रहा है। मॉडल स्कूल, लाइव क्लासेस तथा नीट और जी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। विद्यार्थियों को 24 घंटे ऑनलाइन शिक्षण एवं मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जा रही है, जिससे बिहार के छात्रों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिल सकें।मुख्यमंत्री ने बिहार के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध रही है। नई पीढ़ी को इस गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक और विकसित बिहार के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
राज्य की विकास संभावनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नेपाल से बिहार में आने वाले जल का बेहतर प्रबंधन कर उसका सिंचाई और कृषि के विकास में प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। बिहार की बड़ी आबादी और उच्च जनसंख्या घनत्व को भी आर्थिक अवसर के रूप में देखने की आवश्यकता है। जीएसटी लागू होने के बाद बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में बिहार को इसका लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को अब परंपरागत क्षेत्रों के साथ उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, आधुनिक टाउनशिप और अन्य उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना होगा। इन क्षेत्रों के विकास से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को और गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने सभी सफल अभ्यर्थियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को पुनः हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित