, May 28 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ने महात्मा गांधी को "बापू" बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह समाजवाद के कई बड़े नेताओं का भी केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बिहार में उद्योग स्थापित करने और प्रवासी बिहारियों को वापस लाकर रोजगार देने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 50 करोड़ रुपये तक के कॉन्ट्रैक्ट अब स्थानीय लोगों को देने की नीति बनाई गई है, जिससे पैसा बिहार में ही रहे।उन्होंने कहा कि बिहार का बजट 3,47,000 करोड़ रुपये है, जिसमें 60,000 करोड़ रुपये का स्वयं का संसाधन शामिल है। उन्होंने उद्योगपतियों से राज्य में निवेश बढ़ाने की अपील की।
श्री चौधरी ने कहा कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ सरकार सख्त है। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से धन अर्जित करने वालों के लिए जेल का दरवाजा हमेशा खुला है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता और कानून के सामने सभी समान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार भगवान बुद्ध, महावीर और गुरु गोविंद सिंह की धरती है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग राज्य की सांस्कृतिक विरासत, भाषा और परंपराओं से जुड़े रहें।उन्होंने कहा कि बिहार में सरकारी कर्मियों के राज्य भ्रमण की व्यवस्था की गई है, जिससे वे स्थानीय संस्कृति को बेहतर तरीके से समझ सकें।
कार्यक्रम में सांसद शिवेश कुमार ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वीर विनायक दामोदर सावरकर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सावरकर जी को दी गई श्रद्धांजलि से संबंधित ऑडियो-विजुअल क्लिप भी प्रदर्शित की गई।
कार्यक्रम में बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, सांसद शिवेश कुमार, सांसद भीम सिंह, विधायक मुरारी पासवान, विधान पार्षद निवेदिता सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और सावरकर विचारधारा से जुड़े लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक अजय कुमार सिन्हा और संजय कुमार सिन्हा ने स्वागत संबोधन एवं धन्यवाद ज्ञापन किया।
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