, Sept. 13 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य के कुल बजट का 21 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल शैक्षणिक संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि बिहार में ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है, जो आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी हो।श्री चौधरी ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और उचित मार्गदर्शन मिले। नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया और विश्वास व्यक्त किया कि उनके योगदान से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर तथा राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने हरित पौधा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

कार्यक्रम में भारत सरकार में अपर सचिव राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. पी.के. वाजपेयी, पटना विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी रास बिहारी सिंह सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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