, Aug. 15 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का दृढ़ विश्वास है कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति खुशहाल नहीं होगा, तब तक विकास को पूर्ण नहीं माना जा सकता। युवाओं को शिक्षित एवं समर्थ बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। समान अवसर सामाजिक न्याय की महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को रोजगार के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। बिहार में 30 लाख जीविका दीदियाँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पेंशन राशि 400 रूपये से बढ़ाकर 1,100 रूपये की गई है। उन्होंने पात्र लोगों से अपील की कि जो व्यक्ति अभी पेंशन से वंचित हैं, वे सहयोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन करें।श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में लगभग एक करोड़ 90 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से एक करोड़ 70 लाख उपभोक्ताओं को पिछले एक वर्ष से 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। बिहार देश में बिजली उपभोक्ताओं को सर्वाधिक अनुदान उपलब्ध कराने वाला राज्य है। उन्होंने कहा कि बिहारवासियों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने के लिए पटना, नालंदा, कैमूर एवं वाल्मीकिनगर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है। इसके लिए यात्रियों को मात्र 2,100 रूपये शुल्क देना होगा, जबकि राज्य सरकार 12,000 रूपये का अनुदान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के अंदर निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक लगभग 6 लाख 41 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 95 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में एक करोड़ लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने के लिए पिछले एक महीने से अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 30 लाख से अधिक लोगों के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बिहारवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सामान्य बीमारी में जिला एवं अनुमंडल अस्पताल से बड़े अस्पताल में अनावश्यक रेफर किए जाने पर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर बीमारी की स्थिति में ही बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में लाइव क्लास की शुरुआत की गई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों को आवश्यकता पड़ने पर रात 11 बजे भी ऑनलाइन शिक्षक की सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे नीट , आईआईटी/जी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें।

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