, May 31 -- बैठक में भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ० नवल किशोर चौधरी, मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पानिकर एवं बांका के जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री चौधरी को श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जानेवाली आवश्यक सुविधाओं एवं पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण में जिलाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष श्रावणी मेला क्षेत्र में नियमित साफ सफाई एवं स्वच्छता, मेला स्टॉल बंदोबस्ती, पेयजल, सड़क चौड़ीकरण एवं मरम्मती कार्य, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, चिकित्सा एवं एंबुलेंस व्यवस्था, खाद्य सामग्री की उपलब्धता एवं दर नियंत्रण, सुरक्षा तथा निगरानी व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं संचार व्यवस्था, बैरिकेडिंग, आपातकालीन तैयारी, टेंट सिटी/आवासन व्यवस्था, वन सुरक्षा एवं संरक्षण गतिविधियां, यात्री परिवहन व्यवस्था, सूचना एवं प्रसारण कार्य आदि के अलावा नवाचार-2026 के तहत श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं (कांवरियों) की सुविधा के लिए स्विस कॉटेज व्यवस्था का प्रस्ताव, कृष्णगढ़ चौक से मस्जिद की तरफ जानेवाली पोखर का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्गीकरण, नए गेस्ट हाउस की व्यवस्था का प्रस्ताव, म्यूजिकल फाउंटेन का अधिष्ठापन आदि के संबंध में तैयारी की पूरी जानकारी दी।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी भागलपुर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुंगेर (साफियाबाद) - सुल्तानगंज-सबौर चार लेन गंगा पथ के निर्माण कार्य की प्रगति से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित भागलपुर गंगा पथ और मुंगेर गंगा पथ से संबंधित जो भी समस्याएं हैं उनका त्वरित समाधान करें। यह डॉल्फिन का इलाका है, उसको ध्यान में रखते हुए निर्णय लें। एलिवेटेड पथ बनने से इस इलाके में होनेवाली जलजमाव की समस्या से भी लोगों को निजात मिलेगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना से संबंधित समीक्षा की। जिलाधिकारी भागलपुर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापना के लिये अधिग्रहित की जानेवाली भूमि एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण की स्थिति, अधियाचना एवं भुगतान की स्थिति और अस्थाई संचालन की व्यवस्था के लिये चिन्हित स्थान बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर और अस्थाई संचालन हेतु आधारभूत संरचना की व्यवस्था के संबंध में बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जमीन अधिग्रहण के काम में तेजी लाएं। 15 जून के पहले भारत सरकार को इस संबंध में पत्र भेजकर संसूचित करें। विक्रमशिला विश्वविद्यालय का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है, उसे पुनर्स्थापित करना है।

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