, May 27 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वन क्षेत्र 15 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और इसे 17 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बिहार में एकलव्य विद्यालयों की स्थापना की गई है, जिनमें बिहार बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई बोर्ड के सिलेबस के अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे अनुसूचित जनजाति समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी और वे आगे बढ़ सकेंगे। श्री चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आदिवासी समाज के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे वे प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकें।उन्होंने कहा कि कैमूर के अधौरा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खोला जायेगा।उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद करते हुए कहा कि जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

श्री चौधरी ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत लगभग 1.04 लाख एससी /एसटी विद्यार्थियों को लाभ मिला है, जिनमें 4,155 अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। वहीं, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत इस वर्ष 20.46 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जिनमें 1.41 लाख जनजातीय छात्र शामिल हैं।

श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि जुलाई महीने में डिग्री कॉलेज की शुरुआत की जाएगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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