, Oct. 15 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। कुछ दिन पहले पटना के बापू सभागार में उद्योग विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एक साथ लगभग 7,000 लोगों को उद्यमी बनाने की पहल की गई। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को 10 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें पांच लाख रुपये अनुदान के रूप में और शेष पांच लाख रुपये कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराए जाते हैं। श्री चौधरी ने कहा कि इससे युवाओं को अपना उद्योग शुरू करने और रोजगार सृजित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उद्योग जगत से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने युवाओं से अपने शोध और स्टार्टअप संबंधी प्रस्ताव बिहार टेक सहित संबंधित मंचों पर प्रस्तुत करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग विभाग ऐसे प्रस्तावों को सहयोग देने की दिशा में काम करेगा, ताकि युवाओं के नवाचार को व्यावसायिक रूप दिया जा सके।उन्होंने मुजफ्फरपुर को निवेश के लिए तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बताते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में निवेश के अवसर हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों की विशेष रुचि दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि पटना के आसपास कई जिले होने के बावजूद मुजफ्फरपुर में कारोबार और उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन को उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए कहा कि जमीन आवंटन में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। सरकार उपलब्ध भूमि को विकसित कर उद्योगपतियों को आवंटित करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण के संबंध में कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपनी जमीन सरकार को देना चाहता है, तो उसे निर्धारित राशि से 10 प्रतिशत अधिक भुगतान करने की नीति बनाई गई है। इसका उद्देश्य भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुगम बनाना और औद्योगिक परियोजनाओं को गति देना है। उन्होंने कहा कि बिहार की आबादी लगभग 14 करोड़ है, जबकि देश की आबादी लगभग 140 करोड़ है। देश की कुल आबादी का लगभग दसवां हिस्सा बिहार में रहता है। इतनी बड़ी आबादी की जरूरतों को पूरा करने और लोगों को रोजगार देने के लिए उद्योगों का विकास आवश्यक है।

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