, Aug. 23 -- इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेगा जॉब फेयर-2026 से संबंधित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री के समक्ष मेगा जॉब फेयर-2026 पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से बिहार मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान, भोजपुर में मानसिक रोग से स्वस्थ हुए व्यक्तियों के पुनर्वास के लिये प्रशिक्षण केंद्र तथा दिव्यांगजन एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्तियों के कौशल विकास एवं आजीविका संवर्द्धन के लिये प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण केंद्र का भी शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी चयनित युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रोजगार मिलने से उनके जीवन में बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में प्रदेश एवं प्रमंडल स्तर पर नियोजन मेले आयोजित किए जाते थे। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि अगले वर्ष से बिहार के प्रत्येक जिले में नियोजन मेले की व्यवस्था की जाएगी। बिहार के युवा कौशलयुक्त होकर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, यह गौरव की बात है। बिहार की प्रतिभाएं देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगीमुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि किसी व्यक्ति को जीवन-यापन के लिए बिहार से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने 10 लाख लोगों को नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इस दौरान साढ़े 11 लाख लोगों को सरकारी नौकरी एवं 51 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है। पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने के लिए भारत सरकार से आग्रह किया गया है, जिससे दुनिया के लोगों को बिहार में बुलाकर यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करायी जा सके।

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