, Aug. 25 -- मुख्यमंत्री ने 'अनीमिया मुक्त बिहार' विशेष अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से राज्य में एनीमिया की रोकथाम, जांच, उपचार एवं जागरूकता को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। अभियान के तहत लगभग एक करोड़ 20 लाख 82 हजार 500 लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। मुख़्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी उन्मूलन अभियान के तहत भी बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। उन्होंने कहा कि अब स्वास्थ्य सेवाओं को जिला स्तर तक मजबूत किया जा रहा है। जिलों में 36 तरह के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे लोगों को हर छोटी-बड़ी स्वास्थ्य सुविधा के लिए पटना आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने पशुपालन एवं दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि वर्तमान में करीब 12 लाख किसान दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं। इस संख्या को बढ़ाकर 50 लाख से अधिक करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र तथा दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की करीब 70 प्रतिशत भागीदारी है। बिहार में इसे बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सुधा बिक्री केंद्र खोलनेवाली महिलाओं को दूसरी और तीसरी किश्त मिलाकर करीब 60 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सभी पंचायतों में एक सुधा बिक्री केंद्र खोलने के लिए दीदी का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। भविष्य में इसे गांवों तक विस्तार देने की योजना है।उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा एवं दवा की सुविधा को गांवों के करीब पहुंचाने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने का अभियान भी शुरू किया गया है।

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