, March 19 -- उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुंगेर को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। गंगा के किनारे घाटों का निर्माण किया जाएगा। विश्वप्रसिद्ध मां चंडिका स्थान, सीताकुंड और माता तेलडीहा स्थान मंदिरों का जीर्णोद्धार कर उन्हें प्रमुख धार्मिक स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही भीमबांध को राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। उस समय राज्य में केवल छह हजार किलोमीटर सड़कें थीं, जबकि आज यह बढ़कर करीब एक लाख 40 हजार किलोमीटर हो गई हैं। बिहार का बजट भी पहले लगभग 23 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये हो गया है।
श्री चौधरी ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां केवल 17 लाख बिजली उपभोक्ता थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर दो करोड़ 16 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे लगभग 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य आ रहा है।
श्री चौधरी ने कहा कि अब सरकार का मुख्य फोकस रोजगार और उद्योगों के विकास पर है। सेमीकंडक्टर नीति, औद्योगिक और डिफेंस कॉरिडोर तथा आईटी सेक्टर को बढ़ावा देकर युवाओं को राज्य में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 से 2025 के बीच 57 लाख से अधिक लोगों को नौकरी और रोजगार दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक करोड़ 81 लाख महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजे गए हैं और आगे भी इस दिशा में काम जारी रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार जल्द ही उद्योग हब के रूप में उभरेगा और युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिलेंगे।
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