, Oct. 28 -- गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड के राजापट्टी में मेसर्स वेस्टवेल बायोरिफाइनरीज प्राइवेट लिमिटेड की ग्रेन आधारित इथेनॉल उत्पादन इकाई के विस्तार के लिए भी 97.80 करोड़ रुपये के निजी पूंजी निवेश को मंजूरी दी गयी है। इकाई की क्षमता 167.5 किलोलीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर कुल 325 किलोलीटर प्रतिदिन की जाएगी। इससे 210 कामगारों को नियोजित किया जा सकेगा।मंत्रिमंडल ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली-2026 को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत वर्ष 2007 की नियमावली को संशोधित एवं अधिक्रमित करते हुए नयी नियमावली जारी की गयी है। यह भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 तथा वर्ष 2026 के संशोधन के अनुरूप तैयार की गयी है। नयी व्यवस्था से भुगतान संबंधी बाधाओं को दूर करने, विवादों के समयबद्ध समाधान और अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी। इससे सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के तहत 'समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार' कार्यक्रम के अंतर्गत नवादा जिले के वारिसलीगंज में नयी चीनी मिल स्थापित करने तथा गन्ना उपोत्पाद आधारित अन्य इकाइयां लगाने की योजना है। इनमें डिस्टिलरी, को-जेनरेशन और सीबीजी इकाइयां शामिल हैं। इस पहल से जिले में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है। इससे पलायन कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद जतायी गयी है। राज्य सरकार ने पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से चालू करने का भी निर्णय लिया है।

मंत्रिमंडल ने सोनपुर आयोजना क्षेत्र के विस्तार को मंजूरी दी है। इस क्षेत्र में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा, फिल्म सिटी और शैक्षणिक संस्थानों सहित कई विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके अलावा राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय परियोजनाओं की संभावनाओं को देखते हुए आयोजना क्षेत्र का विस्तार करने का निर्णय लिया गया है।

एक अन्य फैसले में चयनित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटाने की मंजूरी दी गयी है। टाउनशिप की विकास योजना अधिसूचित होने के बाद भवन निर्माण और भूमि विकास संबंधित योजना में निर्धारित भूमि उपयोग तथा लागू विकास नियंत्रण विनियमों (डीसीआर) के अनुरूप किया जा सकेगा।

पथ निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर विश्वामित्र पथ, गंगा अम्बिका पथ और नारायणी पथ के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की परामर्शी सेवाएं लेने हेतु 37.10 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है। विश्वामित्र पथ बक्सर-आरा-मनेर मार्ग है, जिसकी लंबाई 90 किलोमीटर है। गंगा अम्बिका पथ बिदुपुर-दिघवारा उत्तरी गंगा पथ है, जिसकी लंबाई 56 किलोमीटर है। नारायणी पथ दरिहारा (कोन्हुआ) से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक प्रस्तावित है और इसकी लंबाई 73.51 किलोमीटर है। इन सड़कों को बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से पीपीपी की डीबीएफओटी-टोल पद्धति पर विकसित किया जाएगा।

कृषि विभाग के प्रस्ताव पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के बीज घटक के तहत 11.83 करोड़ रुपये की योजना के कार्यान्वयन तथा राशि की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गयी है। योजना का उद्देश्य गुणवत्तायुक्त बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बीज प्रसंस्करण, भंडारण और वितरण से संबंधित आधारभूत संरचना विकसित करना है। इसके तहत मौजूदा बीज प्रसंस्करण एवं भंडारण इकाइयों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। प्राकृतिक आपदा और आकस्मिक परिस्थितियों में किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय बीज भंडार को भी सुदृढ़ किया जाएगा।

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