, Sept. 26 -- श्री चौधरी ने निर्देश दिये कि केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत 2029' के लक्ष्य के अनुरूप मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें, जिससे सीमा क्षेत्र से नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकी जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों की केंद्रीय सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों के साथ नियमित मासिक समन्वय बैठक हो। सीमावर्ती क्षेत्रों में गैर-पंजीकृत धार्मिक स्थलों की पहचान कर प्रचलित कानून एवं नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करें। सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जाय।

श्री चौधरी ने कहा कि सीमा सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां सतर्कता, सूचना-साझाकरण और समन्वित कार्रवाई के साथ कार्य करें। संवेदनशील क्षेत्रों में सूचना तंत्र को मजबूत रखते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, पुलिस महानिदेशक, स्पेशल ब्रांच कुंदन कृष्णन, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारीगण एवं संबंधित केन्द्रीय एजेंसियों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जुड़े हुये थे।

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