, Sept. 3 -- मुख्यमंत्री ने बिहार की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 27 वर्ष पहले जब वे बिहार विधानसभा के सदस्य बने थे, उस समय राज्य का बजट लगभग 6 हजार करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि झारखंड के अलग होने के बाद बिहार के पास संसाधन सीमित थे और राज्य के राजस्व का बड़ा हिस्सा झारखंड क्षेत्र से आता था। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के मार्गदर्शन में बिहार ने विकास की लंबी यात्रा तय की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहलेकरीब 21 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब बढ़कर लगभग 44 लाख हेक्टेयर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि वर्ष 2030 से पहले राज्य में 70 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा। बिहार के लोग देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर अपनी मेहनत और प्रतिभा से विकास में योगदान दे रहे हैं। बेंगलुरु जैसे शहरों में भी बड़ी संख्या में बिहारी काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे अपनी कर्मभूमि में आगे बढ़ते रहें लेकिन अपनी जन्मभूमि बिहार के विकास और समृद्धि में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का है। जिस तरह कंप्यूटर, इंटरनेट और सोशल मीडिया ने दुनिया को बदला, उसी तरह एआई आने वाले समय में शासन और जनसेवा को और प्रभावी बनाएगा। बिहार में भी एआईआधारित व्यवस्था के माध्यम से सुशासन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

श्री चौधरी ने बिहार सरकार के सहयोग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए एक ऐसी व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें आवेदन के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई होती है। उन्होंने कहा कि यदि 30 दिनों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का आदेश स्वतः जारी हो जाता है। जनता को संतुष्ट रखना, उसकी सुविधा बढ़ाना और उसे न्याय दिलाना ही लोकतांत्रिक शासन का मूल उद्देश्य है। इसी सोच के साथ वे स्वयं भी महीने के दूसरे मंगलवार को लोगों की शिकायतों की समीक्षा करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ने हमेशा दुनिया को दिशा देने का काम किया है। मोतिहारी की धरती पर महात्मा गांधी के चम्पारण सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चंपारण की धरती ने मोहनदास करमचंद गांधी को 'महात्मा गांधी' बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बिहार को अब विकास और समृद्धि के नए दौर में आगे ले जाना है। इसके लिए बिहार के बाहर रहने वाले सभी लोगों का सहयोग भी आवश्यक है। उन्होंने श्री श्री रविशंकर से बिहार की समृद्धि के लिए आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि बिहार भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े और दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत करे।

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