, Sept. 15 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से अब तक लगभग 1.28 करोड़ थालियां परोसी जा चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को भोजन, पेयजल, दवा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं। श्री चौधरी ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 21 टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक राहत एवं सहायता सुविधाएं निरंतर जारी रहेंगी। प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
श्री चौधरी ने कहा कि आज बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को 7 हजार रूपये की दर से 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से कुल 579.23 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की गयी है। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों की पहचान एवं सत्यापन की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतें। यदि कोई पात्र प्रभावित परिवार सहायता से छूट गया है, तो उसे एक सप्ताह के भीतर राहत सूची में शामिल करें। कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सरकारी राहत से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि कि राहत कार्यों के साथ-साथ पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण का कार्य भी तेज गति से करें। राज्य में बिल्ड बैक बेटर डैन बीफॉर अर्थात पहले से बेहतर पुनर्निर्माण की थीम पर कार्य करें। एक माह के भीतर सभी पुनर्प्राप्ति कार्य पूरे किए जाएं। इसमें कृषि इनपुट सब्सिडी (कृषि निवेश अनुदान), सड़कों की मरम्मती सहित प्रभावित परिवारों एवं किसानों को सभी आवश्यक प्रकार की सहायता उपलब्ध कराना शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए तथा प्रभावित परिवारों, किसानों और अन्य संबंधित लोगों को नियमानुसार शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर बाढ़ से हुई क्षति का समुचित एवं तथ्यपरक आकलन कर रिपोर्ट तैयार रखें। प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति का दस्तावेजीकरण करते हुए आवश्यक सहायता एवं पुनर्प्राप्ति कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ायें। उन्होंने कहा कि सभी विभागों ने मिलकर बाढ़ से लोगों को राहत दिलाने में काफी अच्छा काम किया है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल राहत प्रदान करना नहीं, बल्कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को शीघ्र सामान्य स्थिति में लाने और पहले से बेहतर तरीके से पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना है। सरकार, प्रशासन, आपदा प्रबंधन तंत्र तथा सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में दोनों उप मुख्यमंत्री विजय कुमार और बिजेन्द्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव अजय कुमार यादव, स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ.चन्द्रशेखर सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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