, April 19 -- गौरतलब है कि बापू टावर जी प्लस सिक्स बनाया गया है, जिसके दो भाग हैं-आयताकार भवन एवं शंकुकार भवन। आयताकार भवन में तीन प्रदर्श गैलरी, प्रेक्षागृह, अस्थायी प्रदर्शनी दीर्घा, कार्यालय कक्ष, प्रतीक्षालय, म्यूजियम शॉप एवं जलपान गृह अवस्थित है। आयताकार भवन के प्रथम गैलरी में महात्मा गांधी के आरंभिक जीवन से लंदन एवं दक्षिण अफ्रीका प्रवास तथा भारत आगमन की कहानी वर्णित की गई है। द्वितीय गैलरी में गांधी जी के रचनात्मक कार्यक्रम एवं स्वतंत्रता आंदोलन में उनके द्वारा निभाये गये नेतृत्व की गाथा है। तृतीय गैलरी में चम्पारण शताब्दी समारोह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी संकलित की गयी है। इस गैलरी में विभिन्न कार्यक्रमों यथा गांधी दर्शन पर राष्ट्रीय विमर्श, स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान, बापू आपके द्वार, हेरिटेज वॉक, बापू की वर्णमाला, गांधी कथावाचन, मोहन से महात्मा (पपेट शो) को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसके साथ-साथ बिहार राज्य में बापू के विचारों के आधार पर प्रारंभ की गर्मी योजनाएं / अभियान यथा पूर्ण नशाबंदी, बाल विवाह निषेध, दहेज प्रथा उन्मूलन एवं बालिकाओं की शिक्षा से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गयी है। 102 फीट ऊंचे शंकुकार भवन बापू टावर को आकर्षक और भव्य बनाता है। इसमें लगातार क्रम में निर्मित पांच रैम्प हैं, जिस पर गांधी जी के जीवन से संबंधित सभी जानकारियां, म्यूरल, कटआउट, स्क्रीन प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रदर्शित की गयी है। शंकुकार भवन के बाहरी सतह पर गांधी जी के आकृति का निर्माण किया गया है। प्रथम रैम्प (पांचवां तल से चौथा तल) चम्पारण सत्याग्रह की गाथा दर्शायी गई है। इस रैम्प पर महात्मा गांधी के बिहार आगमन एवं द्वितीय रैम्प (चौथा तल से तृतीय तल) इस रैम्प पर द्वितीय विश्वयुद्ध एवं उसका भारतवर्ष पर प्रभाव, भारत छोडो आंदोलन में बिहार की भागीदारी की जानकारी दी गयी है। तृतीय रैम्प (तृतीय तल से द्वितीय तल) इस रैम्प पर गांधी जिन्ना वार्ता, शिमला सम्मेलन, 1946 के चुनाव, कलकत्ता दंगे, गांधीजी की नोआखली यात्रा, बिहार में दंगे के दौरान गांधी जी के कार्य को दर्शाया गया है।

चतुर्थ रैम्प (द्वितीय तल से प्रथम तल) इस रैम्प पर बिहार में गांधीजी, प्रार्थना सभा में गांधीजी, माउण्टबेटन के साथ गांधीजी की मुलाकात, गांधीजी की कश्मीर यात्रा, देश विभाजन के लिये बातचीत, गांधीजी की कलकत्ता यात्रा, गांधीजी के उद्धरण को प्रदर्शित करने के लिये प्रदर्श लगाये गये हैं। पंचम रैम्प (प्रथम तल से भूतल) इस रैम्प पर गांधीजी एक प्रेरणा श्रोत, गांधीजी एक व्यक्तित्व, गांधीजी के आदर्शों पर आधारित शपथ के लिये प्रदर्श अधिष्ठापित किये गये हैं। बापू बापू टावर की अवधारणा से आगंतुकों को परिचित कराने के लिये भूतल पर 60 लोगों की क्षमता का एक ओरिएन्टेशन हॉल का निर्माण किया गया है। इस हॉल में में 'टर्न टेबल' थिएटर शो (घूमने वाले पर्दे) की भी व्यवस्था की गई है। इस हॉल में लगी कुर्सियों पर बैठकर दर्शक बापू टावर के बारे में बने फिल्म का अवलोकन कर पायेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव सह भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि, गृह विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, बापू टावर के निदेशक सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।

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