, Sept. 5 -- मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना का लाभमिले और कोई भी किसान लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। आपदा प्रबंधन विभाग से समन्वय एवं सहमति लेकर पुल निर्माण कार्य में लगी बड़ी नावों का उपयोग जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने का निर्देश दिया। श्री चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसओपी के अनुरूप लोगों को हरसंभव सहायता एवं राहत उपलब्ध कराने तथा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध रखने का निर्देश दिया। नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी रखने तथा स्थिति के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। कम्युनिटी किचन एवं राहत शिविरों के आसपास लगाए जाने वाले चापाकलों की औसत गहराई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, जिससे बाढ़ प्रभावित लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सभी सुरक्षा तटबंधों एवं जमींदारी बांधों की स्थिति सुदृढ़ रखने तथा तटबंधों एवं स्लूईस गेट की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाय। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, लाइफ जैकेट, मोटरबोट, राहत एवं बचाव दल, पॉलिथीन शीट्स, कटाव निरोधक सामग्री तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की आकस्मिक व्यवस्था तैयार रखें।

समीक्षा बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर एवं कम्युनिटी किचन की व्यवस्था, ड्राई राशन पैकेट एवं फूड पैकेट की पैकेजिंग तथा वितरण की तैयारियों की समीक्षा की गई।

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