, Aug. 31 -- मुख्यमंत्री ने प्रथम चरण की शेष राशि शीघ्र उपलब्ध कराने तथा दूसरे चरण के डीपीआर को मंजूरी देने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री ने सिकरहना दायां तटबंध निर्माण योजना का भी मुद्दा उठाया। 125.08 करोड़ रुपये केन्द्रीय अंश वाली यह योजना पहले ही संबंधित केन्द्रीय समिति द्वारा अनुशंसित की जा चुकी है। बैठक में इसके लिए केन्द्रीय सहायता जल्द उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। इसके अलावा केन्द्रीय बजट 2024-25 के तहत प्रस्तावित अन्य योजनाओं की स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ। इनमें सिंचाई क्षेत्र की तीन परियोजनाएं जिनकी अनुमानित लागत 5,951.45 करोड़ रुपये है तथा बाढ़ प्रबंधन क्षेत्र की 15 परियोजनाएं जिनकी अनुमानित लागत 3,896.14 करोड़ रुपये है, वर्तमान में जल शक्ति मंत्रालय के विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन हैं।

बैठक में केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के विस्तार, नवीकरण एवं आधुनिकीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना के लिए बिहार सरकार ने 8,338.89 करोड़ रुपये का डीपीआर केन्द्रीय जल आयोग को भेजा है। केंद्र से सहायता मिलने की अपेक्षा में राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 3,484.24 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रथम चरण का कार्य शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने परियोजना की शीघ्र स्वीकृति और केन्द्रीय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने बाढ़ नियंत्रण के लिए चल रहे फ्लड मैनेजमेंट एंड बॉर्डर एरिया प्रोग्राम के अंतर्गत बिहार के लिए बजटीय प्रावधान बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार देश के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित राज्यों में से एक है। लगभग 73 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आता है और गंगा, कोसी, गंज बागमती जैसी नदियों के कारण हर वर्ष बड़ी आबादी प्रभावित होती है। ऐसे में जरूरतों के अनुरूप अधिक केन्द्रीय सहायता आवश्यक है।

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