, Sept. 9 -- श्री चौधरी ने कहा कि राज्य के प्राचीन शैक्षणिक केंद्रों की विरासत को आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रयास बिहार को फिर से ज्ञान और शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विद्यार्थी एवं युवा अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग बिहार के विकास के लिये करें। बिहार को मजबूत, विकसित और समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि को बेहतर एवं सुदृढ़ बनाना हम सभी का दायित्व है। जो बिहार के बाहर रहकर अच्छा कर रहे हैं उनसे आह्वान है कि वे कर्मभूमि के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि को भी बेहतर बनायें।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सम्मानित किए गए विद्यार्थी बिहार के उज्ज्वल भविष्य की पहचान हैं और आनेवाले समय में वे राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए 'सहयोग पोर्टल' भी संचालित किया जा रहा है। इसमें विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उनके सुझाव का भी प्रावधान किया गया है।
छात्रों को सम्मानित करने के बाद मुख्यमंत्री की ओर से सभी उपस्थित छात्रों एवं उनके अभिभावकों को लोक सेवक आवास में प्रीति भोज कराया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के साथ भोजन किया और उनके साथ आत्मीय बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान उनके भविष्य की योजनाओं तथा अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री के साथ छात्र-छात्रायें खुशनुमा माहौल में बातचीत कर काफी उत्साहित नजर आये। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनायें दी।
कार्यक्रम में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ.त्यागराजन एसएम ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कार्यों पर आधारित लघु फिल्म प्रस्तुत की गयी।
कार्यक्रम को दोनों उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन अन्य वरीय अधिकारी तथा छात्र-छात्रायें एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।
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