, April 24 -- इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सदन में अपने प्रारंभिक संबोधन में सभी सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज का यह उपवेशन लोकतांत्रिक परंपराओं की गरिमा और उत्तरदायित्व का प्रतीक है,तथा सभी सदस्य एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया " मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा सदन का विश्वास प्राप्त करने" के निर्वहन के लिए एकत्रित हुए हैं। डॉ. कुमार ने कहा कि कहा कि सदस्यगण, विधान सभा केवल बहुमत का मंच नहीं, बल्कि विचार, मर्यादा और जन-आस्था का केन्द्र भी है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमें यह स्मरण कराता है कि सत्ता का वास्तविक आधार जनता का विश्वास है, और उसी विश्वास की अभिव्यक्ति इस सदन के माध्यम से होती है। यह प्रक्रिया न केवल सरकार की वैधता को सुदृढ़ करती है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को भी सजीव बनाए रखती है।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मतभेद लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन मर्यादा उसकी पहचान है।उन्होंने कहा कि वह सभी सदस्यों से अपेक्षा करते हैं कि कि वे इस अवसर पर पूरी शालीनता से इस विचार-विमर्श में भाग लेंगे। चर्चा सार्थक और संयमित हो, यही इस सदन की परंपरा रही है।
श्री कुमार ने विश्वास जताया कि यह संसदीय प्रक्रिया पारदर्शिता, शुचिता और संविधान के प्रति निष्ठा को और मजबूत करेगी तथा लोकतांत्रिक आदर्शों को सुदृढ़ बनाएगी।
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