, April 24 -- बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रचंड बहुमत को देखते हुए बिहार विधानसभा में सम्राट सरकार का का विश्वास हासिल करना महज औपचारिकता ही थी। वर्तमान में राजग के पास 243 सदस्यों के सदन में 201 विधायक हैं। पहले यह संख्या 202 थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद एक सदस्य कम हो गया है। दूसरी तरफ महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन( एआईएमआईएम )के पांच तथा बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक को जोड़ भी दें तो विपक्ष की संख्या 41 तक ही पहुंचती है। बिहार विधानसभा में कमजोर विपक्ष में भी एकता की कमी रही है और पिछले दिनों राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के तीन विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास मतदान के लिए नही आये, वही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक विधायक फैसल रहमान भी अनुपस्थित रहे, जिसका असर एक सीट के परिणाम पर दिखा था और राजग जीत दर्ज करने में सफल हो गया था।

विधानसभा में आज हुई चर्चा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की तरफ से बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, कांग्रेस के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, लोकजनशक्ति पार्टी(रामविलास) के सदन में नेता राजू तिवारी, एआईएमआईएम के नेता अख्तरुल ईमान, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा माले ) के अरुण सिंह, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रफुल्ल कुमार मांझी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के अजय कुमार, राष्ट्रीय लोक मोर्चा(रालोमो) के माधव आनंद, इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) आई. पी. गुप्ता और बहुजन समाज पार्टी के सतीश कुमार ने भाग लिया।

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