, Aug. 12 -- स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि सरकारी चिकित्सक मरीजों को सरकारी अस्पतालों में उपचार उपलब्ध कराने के बजाय निजी अस्पतालों में न भेजें, बल्कि जिला अस्पतालों में ही आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का उपचार सुनिश्चित करें।स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिये कि पूरे जिले को एक इकाई मानकर कार्य किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानपीएचसी, सीएचसी, एसडीएच और डीएच एक चेन की तरह काम करें, जिससे मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े। विभाग द्वारा इन निर्देशों के अनुपालन की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी।
बैठक में चिकित्सकों की ड्यूटी और रोस्टर के पालन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। निर्देश दिये गये कि प्रत्येक अस्पताल में चिकित्सकों की निर्धारित ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान यदि कोई चिकित्सक ड्यूटी से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाया जाता है या सरकारी अस्पताल की ड्यूटी के समय निजी क्लिनिक में कार्य करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में निर्देश दिया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सदर अस्पतालों में सेवाओं को केवल सिजेरियन डिलीवरी तक सीमित न रखा जाए। ऑर्थोपेडिक, हर्निया, अपेंडिक्स, फिशर, फिस्टुला और मोतियाबिंद जैसी अन्य सर्जरी भी सदर अस्पतालों में अधिक से अधिक की जाएं और पात्र मरीजों के उपचार के क्लेम समय पर दर्ज किए जाएं। इससे एक ओर सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर मरीजों को अपने जिले में ही आवश्यक उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
राज्य के जिला अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं की उपलब्धता और क्षमता में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में राज्य के जिला अस्पतालों में कुल 5651 सर्जरी हुईं। इस अवधि में अररिया 423 सर्जरी के साथ सर्वाधिक सर्जरी करने वाला जिला रहा। साथ ही नालंदा में 327, भोजपुर में 301 वैशाली में 292, मधुबनी में 287 सर्जरी दर्ज की गईं। इन जिलों में एलएससीएस, बीटीएल, एमटीपी, मोतियाबिंद सर्जरी, हर्निया रिपेयर, हाइड्रोसील, अपेंडिक्स, ऑर्थोपेडिक तथा अन्य आवश्यक सर्जरी की गईं। यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ती सर्जिकल क्षमता और मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है।
सदर अस्पताल, सासाराम और सदर अस्पताल, मुंगेर में मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार सर्जरी की जा रही हैं। सदर अस्पताल, सासाराम में 11 अगस्त को 24 घंटे के दौरान कुल 20 सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। वहीं, सदर अस्पताल, मुंगेर में 10 घंटे के दौरान कुल 12 सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। दोनों अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें मरीजों को समय पर बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर तत्परता से कार्य कर रहे हैं।
बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों के संचालन, ऑनलाइन सिस्टम, उपकरणों अथवा अन्य तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए विभाग पूरी तरह सहयोग करेगा। सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षक अपनी समस्याओं से विभाग को अवगत कराएं, जिससे उनका समयबद्ध समाधान किया जा सके।
बैठक में सभी अधिकारियों और चिकित्सकों से टीम भावना के साथ कार्य करने तथा सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की गई। सदर अस्पतालों की सेवाओं में सुधार, चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता, अनावश्यक रेफरल में कमी और आयुष्मान भारत के तहत उपचार का दायरा बढ़ाने से आमजन को अपने जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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