, Aug. 7 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जैसा दूसरा कोई नाम नहीं है इसलिए बेगूसराय में उनके नाम पर साहित्य के क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को देखते हुए उनके नाम पर भागलपुर में एआई और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय स्थापित करने का संकल्प लिया गया है। भागलपुर में स्थापित होने वाला यह विश्वविद्यालय तकनीक के क्षेत्र में काम करेगा। यह विश्वविद्यालय बिहार को दुनिया में तेजी से बढ़ रही तकनीकी क्रांति के साथ जोड़ने का काम करेगा। उन्होंने इस प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए सभी विधायकों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा साहनी के नाम पर मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी काम शुरू किया गया है।श्री चौधरी ने कहा कि देश में सामाजिक न्याय और आरक्षण की व्यवस्था के पीछे विभिन्न वर्गों के लोगों का योगदान रहा है। उन्होंने डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख करते हुए कहा कि जब देश में आरक्षण का विरोध हो रहा था, तब उन्होंने दलितों को आरक्षण देने की बात कही थी। उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक स्व.कर्पूरी ठाकुर को 'गुदड़ी का लाल' बताते हुए कहा कि जब अति पिछड़ों और महिलाओं को आरक्षण देने की बात आई, तब स्व. पंडित कैलाशपति मिश्र ने भी उनका समर्थन किया।
मुख्यमंत्री ने मंडल आयोग की चर्चा करते हुए कहा कि मंडल आयोग की रिपोर्ट 1979 में आई, लेकिन लंबे समय तक इसे लागू नहीं किया गया। बाद में प्रधानमंत्री स्व. विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार ने इसे लागू किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित सहयोगी दलों के सांसदों ने इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि समाज को किसी एक वर्ग तक सीमित कर नहीं रखा जा सकता। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और सभी समुदायों को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लोगों को भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण का लाभ मिलता है। अति पिछड़ा समाज में भी बड़ी संख्या में लोग विभिन्न समुदायों से आते हैं इसलिए सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की नीति आगे बढ़ानी होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प को जमीन पर उतारने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि संतों ने समाज को जोड़ने और मानवता का रास्ता दिखाया है। सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान संत शिरोमणि गुरु रविदास जी पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें उनके विचारों की महत्ता को बताया गया।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने अंगवस्त्र और पुष्प गुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत कियाlकार्यक्रम में खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ.दिलीप कुमार जायसवाल, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, उच्च शिक्षा मंत्री संजय टाइगर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया, विधायक संजीव चौरसिया, विधायक रत्नेश कुमार, विधान पार्षद जनक राम, धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कार्यकर्तागण, साधु-संत एवं बड़ी संख्या में आमलोग उपस्थित थे।
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