, July 2 -- मंत्री श्री कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित विभागों के पदाधिकारी, जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन ग्रामीण विकास के इतिहास में काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना न सिर्फ हमारे प्रदेश के लिए बल्कि देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिक परिवारों के जीवन को बदलना की क्षमता रखती है। श्री कुमार के अनुसार मनरेगा और नई योजना वीबी-जी राम जी में कई भिन्नता है। उन्होंने बताया कि मनरेगा में जहां एक वर्ष में 100 दिन के लिए रोजगार की गारंटी मिलती थी वहीं इस नई योजना में अकुशल कामगारों को 125 दिन की रोजगार की गारंटी दी जाएगी। मनरेगा में अकुशल मजदूरी की समस्त राशि का वहन केंद्र सरकार करती थी लेकिन वीबी-जी राम जी में अकुशल मजदूरी मद में 40 फीसदी राशि राज्य सरकार वहन करेगी। श्री कुमार ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना में नौ महीने के लिए केंद्रांश के रूप में 6715 करोड़ 83 लाख रुपये आवंटित हुए हैं। इसी तरीके से इस योजना को मूर्तरूप देने की दिशा में इसी समयावधि के लिए राज्य सरकार ने 4477 करोड़ 22 लाख रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि जल जीवन हरियाली मिशन के तहत अभी तक राज्य भर में 20 करोड़ से भी अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इस वित्तीय वर्ष में 1.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में राज्य में किए गए पौधरोपण का ही नतीजा है कि आज हरित क्षेत्र नौ फीसदी से बढ़कर 16 फीसदी तक पहुंच चुका है। आने वाले समय में 33 फीसदी के लक्ष्य को छूने पर विभाग तेजी से काम कर रहा है।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने अकुशल कामगारों के कल्याण और विकसित बिहार की अवधारणा को समर्पित वीबी-जी राम जी योजना के शुभारंभ करने पर मंत्री श्री कुमार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए योजना एक बहुत बड़ी पहल है। इस नई योजना में सिर्फ विकास की परिकल्पना है। योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता को महत्व दिया गया है।

प्रधान सचिव श्री कुमार ने कहा कि बिहार के साथ राष्ट्र के निर्माण में मजदूर बड़े भागीदार की भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने अतिथियों का स्वागत और आभार वीबी-जी राम जी योजना की आयुक्त श्रीमती अनन्या सिंह ने व्यक्त किया। इस अवसर पर जल जीवन हरियाली के मिशन निदेशक सुमित कुमार, बीआरडीएस के मुख्य कार्यपालन पदाधिकारी संजय कुमार समेत दूसरे पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

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