पटना , फरवरी 13 -- बिहार विधान परिषद में शुक्रवार को शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने महिला कर्मियों के अवकाश, विद्यालयों में आधारभूत संरचना, शिक्षकों के समायोजन, वित्तरहित कॉलेजों की समस्याओं और किशनगंज स्थित एएमयू केंद्र के विकास समेत विभिन्न विषयों पर सरकार का पक्ष रखा।
शिक्षा मंत्री श्री कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की महिला कर्मचारियों को सेवा अवधि में 730 दिनों का शिशु देखभाल अवकाश (सीसीएल) देने का प्रावधान है। विश्वविद्यालयों में कार्यरत महिला शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों को मातृत्व एवं शिशु देखभाल अवकाश देने की अनुमान्यता पर निर्णय के लिये उच्च शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
उन्होंने यह जानकारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवल किशोर यादव और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के सदस्यों के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में दी।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अब्दुल बारी सिद्दीकी के अल्पसूचित प्रश्न पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में गयाजी जिला को बेंच-डेस्क खरीद के लिये सात करोड़, 13 लाख, 37 हजार रुपये आवंटित किये गये थे। इसमें से तीन करोड़, 79 लाख, 50 हजार रुपये का डीसी बिल महालेखाकार को उपलब्ध करा दिया गया है, जबकि शेष राशि का प्रमाण पत्र संबंधित विद्यालयों से प्राप्त किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने महिला शिक्षिकाओं के गृह जिला में तबादले का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री श्री कुमार ने कहा कि सरकार महिला शिक्षिकाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुये जल्द ही सुविधानुसार तबादले की प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के संजीव कुमार सिंह के तारांकित प्रश्न पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें और अन्य योजनाओं का लाभ देने पर सरकार विचार करेगी। वहीं वित्तरहित डिग्री और इंटर कॉलेजों को अनुदान देने में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सात दिनों के भीतर बैठक बुलाई जायेगी।
किशनगंज स्थित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) केंद्र में राजद के सैयद फैसल अली ने सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र के लिये 224 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई थी और भवन सहित अन्य आधारभूत सुविधायें विकसित की जायेंगी। शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग समन्वय से कार्य करेंगे।
उन्होंने बताया कि डायट, बायट, सीटीई और पीटीईसी संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने पर भी सरकार विचार करेगी। वहीं बिहार शिक्षा परियोजना के तहत समावेशी शिक्षा संभाग में कार्यरत 816 शिक्षकों में से 788 की काउंसलिंग कराई गई, लेकिन शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण केवल 125 योग्य शिक्षकों का ही समायोजन किया गया है।
नवादा जिले के पकरीबरावां स्थित रामधन मुलको प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय में कमरों की कमी के प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि वर्तमान में छह कमरे हैं और छह नये कमरों के निर्माण के लिये प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है।
स्कूल की जमीन पर कब्जे के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री श्री कुमार ने बताया कि संबंधित विद्यालय के पास 8.10 एकड़ जमीन है, जिसमें 4.67 एकड़ का दाखिल-खारिज हो चुका है। शेष 3.43 एकड़ भूमि का दाखिल-खारिज कराने और अतिक्रमण हटाने के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।
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