, July 24 -- इसके बाद सदन में शोरशराबे के बीच माहौल बिगड़ गया और राजद सदस्य श्री मेहता अपनी सीट पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। राजद के सदस्य तख्तियां लहराते हुए और नारे लगाते हुए सदन के वेल में पहुंच गए। विधयकों ने तख्तियों पर विरोधी श्लोगन लिख रखा था और नारे लगा रहे थे। विपक्षी विधायकों का कहना था कि छात्रों पर कथित दमन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक कह रहे थे कि लाठी गोली की सरकार नहीं चलेगी।
इसी बीच सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य भी विपक्ष पर हालिया आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोर देकर कहा कि जिस प्रकार की हिंसा उपद्रवी और गुंडा तत्वों ने की, उससे स्पष्ट है कि यह छात्रों का आंदोलन नहीं हो सकता।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने बार-बार सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा।
अध्यक्ष ने सदन में व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन लगातार जारी शोर-शराबे के बीच कुछ ही मिनटों में सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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