, July 21 -- विधायक श्री सौरभ ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से यह मामला उठाते हुए कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने ग्राम पंचायत कर एवं शुल्क नियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिससे ग्रामीण बिहार में होल्डिंग टैक्स तथा कई अन्य कर लगाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नियमों के तहत ग्राम पंचायतों को आवासीय मकानों, दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, पेट्रोल पंपों, विवाह भवनों, ईंट-भट्ठों और अन्य संपत्तियों पर कर लगाने का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा ग्रामीणों से स्वच्छता और जलापूर्ति शुल्क भी वसूला जाएगा।श्री सौरभ ने कहा कि यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है, जब ग्रामीण बिहार पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी, कृषि संकट और घटती आय जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, सड़क, जल निकासी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रही है, जबकि दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की तैयारी कर रही है।उन्होंने कहा कि प्रस्तावित करों का सबसे अधिक असर गरीब किसानों, कृषि मजदूरों तथा निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा, जिससे ग्रामीण जीवन और अधिक कठिन हो जाएगा। इसे जनहित का महत्वपूर्ण विषय बताते हुए उन्होंने सरकार से प्रस्तावित कर व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की।
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