, Jan. 12 -- अभियान के तहत छुट्टी के दिन भी प्रत्येक पंचायत में शिविर लगाकर गति दी गई। इस कारण रविवार 11 जनवरी को राज्य में दो लाख 87 हजार से अधिक फार्मर रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए, जबकि प्रतिदिन का निर्धारित लक्ष्य 2.48 लाख था। इस प्रकार एक ही दिन में लगभग 116 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई, जो प्रशासनिक सक्रियता, तकनीकी सहयोग और जमीनी स्तर पर की गई व्यापक व्यवस्था को दर्शाती है।

फार्मर रजिस्ट्रेशन के मामले में कई बड़े जिलों ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इनमें मुजफ्फरपुर में 95,351, कटिहार में 69,722, पूर्णिया में 66,765, भागलपुर में 67,385, मधुबनी में 46,926 और रोहतास में 46,366 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया गया है। उपरोक्त जिलों में दैनिक लक्ष्य के मुकाबले 150 से 190 प्रतिशत तक उपलब्धि दर्ज की गई है।

कम आबादी वाले जिलों में भी अभियान का असर साफ दिखाई दे रहा है। इनमें शिवहर में 17,715, शेखपुरा में 19,114, अरवल में 10,407 और लखीसराय में 14,535 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उपरोक्त जिलों में 120 से 170 प्रतिशत तक लक्ष्य प्राप्ति दर्ज की गई है।

राज्य सरकार का फोकस केवल फार्मर रजिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजीकृत किसानों को पीएम किसान से जोड़ने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उदाहरण के तौर पर वैशाली में 77,844 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन में से 37,193 पीएम किसान लाभार्थी, सहरसा में 49,739 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन में से 37,827 पीएम किसान लाभार्थी हैं।

राज्य के सभी वसुधा केंद्र में किसानों को निरंतर फार्मर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही किसान स्वयं भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से घर बैठे अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इससे दूर-दराज़ के क्षेत्रों के किसानों को भी अभियान से जोड़ना आसान हो गया है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने पंचायत स्तर पर अभियान को और मजबूत बनाने के लिए पंचायतों के सभी मुखिया एवं सरपंचों से सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से अधिक से अधिक किसानों तक सही जानकारी पहुंचेगी और कोई भी पात्र किसान पंजीकरण एवं सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेगा।

फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान का उद्देश्य राज्य के किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान कर उन्हें पीएम किसान सहित अन्य केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का सीधा, पारदर्शी और समयबद्ध लाभ पहुंचाना है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन का फोकस अब शेष किसानों के पंजीकरण, सत्यापन और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर केंद्रित है, जिससे अभियान अपने निर्धारित लक्ष्य को समय पर हासिल कर सके।

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