, May 14 -- कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार लाने के लिए युवाओं का इस ओर आकर्षित होना अनिवार्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग अपने युवा किसानों को जैविक खेती की आधुनिक तकनीकों से जोड़ेगी और उनके प्रयासों को राजकीय स्तर पर पहचान दिलायेगी।उन्होंने कहा कि जैविक खेती के वैज्ञानिक पक्ष को मजबूत करने के लिए अब हर जिले में अनुभवी रिसचर्स (शोधकर्ताओं) और किसानों की संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएंगी। यह पहल न केवल जिला स्तर पर बल्कि राज्य स्तर पर भी क्रियान्वित की जाएगी, ताकि किसानों को सीधे विशेषज्ञों का परामर्श मिल सके और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो।

मंत्री श्री सिन्हा ने जैविक खेती के प्रति एक बड़ी शंका को दूर करते हुए कहा कि विभाग का लक्ष्य ऐसा मॉडल तैयार करना है जिससे उत्पाद न घटे और गुणवत्ता बेहतर हो।उन्होंने जोर दिया कि रसायनों के बिना भी वैज्ञानिक पद्धतियों से उच्च उत्पादकता प्राप्त की जा सकती है।उन्होने वर्तमान समय की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि रासायनिक खेती के कारण मानव की प्रतिरोधक क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जैविक खेती के माध्यम से हम मानव स्वास्थ्य की रक्षा करेंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों की इम्यूनिटी मजबूत बनी रहे और पर्यावरण को दूषित होने से बचाएंगे और मिट्टी की उर्वरता को पुनर्जीवित करेंगे।

कृषि मंत्री ने कहा कि जैविक खेती केवल एक पद्धति नहीं बल्कि एक जन-आंदोलन बनना चाहिए, जिससे समृद्ध किसान, स्वस्थ समाज और स्वच्छ पर्यावरण का सपना साकार हो सके।

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