, Oct. 16 -- श्री सिन्हा ने बैठक में कृषि यंत्रों पर अनुदान के साथ-साथ कस्टम हायरिंग सेंटर, फार्म मशीनरी बैंक, विशेष कस्टम हायरिंग सेंटर और किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना से संबंधित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरतने और किसानों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि यांत्रिकरण का उद्देश्य केवल किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके समय, श्रम और लागत की बचत कर खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। कृषि यंत्रों के उपयोग से कृषि कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने, उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान हित, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कृषि यांत्रिकरण की सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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