, June 25 -- श्री कुमार ने कहा कि इस प्रक्रिया में सभी संबंधित विभागों, संस्थानों एवं हितधारकों को साथ लेकर एक समेकित और दीर्घकालिक शहरी विकास मॉडल विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिहार सरकार शहरी परिवर्तन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल करने जा रही है, जिससे राज्य के शहर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।श्री कुमार ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है। विश्व बैंक के अतिरिक्त देश के अन्य प्रमुख संस्थान भी इस परिवर्तनकारी अभियान में सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वर्षों में बिहार के शहरी परिदृश्य में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिलेगा।
इस कार्यशाला में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर सतत शहरीकरण की रणनीति पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यशाला में शहरी परिवर्तन, नगर वित्तीय सुदृढ़ीकरण, वित्तीय प्रबंधन तथा समेकित शहरी नियोजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने अपने विचार एवं अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी, विभाग के सचिव अनिमेष कुमार पराशर, वित्त विभाग की सचिव श्रीमती रचना पाटिल, जल संसाधन विभाग के सचिव, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, विभाग के विशेष सचिव, निलेश रामचन्द्र देवरे, पटना नगर निगम के आयुक्त ,यशपाल मीणा, विभाग के अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा, राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन, पथ निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव अभिषेक पलासिया सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।इसके साथ ही विश्व बैंक की ओर से बर्नाडस जे.एच. मस्केन्स, प्रकाश गौर, पूनम अहलूवालिया खनिजो उपस्थित थे।
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