, June 3 -- इन केन्द्रों पर पीड़ित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण योजनाओं से भी जोड़ा गया है। महिला एवं बाल विकास निगम से बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को प्रशिक्षित कर रही है। इससे महिलाओं को आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे है। वन स्टॉप सेंटर हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए एक समेकित सहायता तंत्र के रूप में उभरकर सामने आया है, जहां उन्हें विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ता। परामर्श के माध्यम से समस्या का समाधान न होने की स्थिति में विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर पीड़िता को राहत प्रदान की जाती है। समस्या के समाधान के पश्चात कम से कम छह माह तक पीड़िता की स्थिति की सतत निगरानी की जाती है, ताकि दोबारा हिंसा की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त केंद्र कर्मियों के माध्यम से पीड़िता के घर जाकर भी स्थिति का अवलोकन किया जाता है।

जिले में वन स्टॉप सेंटर के कार्यों की समीक्षा जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला संचालन समिति की बैठकों में की जाती है, जिसमें जिला पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी सदस्य के रूप में भाग लेते हैं। महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से साप्ताहिक स्तर पर केंद्रों की समीक्षा की जाती है।

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