, Sept. 12 -- प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल राजेश कुमार बच्चन पटना में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के कारण आज के कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। उनके मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को व्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से पूरा किया गया।उनके मार्गदर्शन में अधिकाधिक मामलों को लोक अदालत में लाने, पक्षकारों को सुलह एवं समझौते के लिए प्रेरित करने तथा बैंक, वित्तीय संस्थानों, प्रशासन एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप लोक अदालत में मामलों के निष्पादन का यह महत्वपूर्ण परिणाम प्राप्त हुआ। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सुपौल राहुल उपाध्याय ने लोक अदालत की भावना के अनुरूप आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से विवादों के समाधान के महत्व पर प्रकाश डाला तथा पक्षकारों को विवादों का शांतिपूर्ण एवं शीघ्र समाधान अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 राकेश कुमार द्वितीय, जो प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अनुपस्थिति में प्रभार में हैं, ने लोक अदालत के सफल संचालन के लिए सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक एवं अन्य संस्थानों के अधिकारियों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम के समन्वित प्रयासों की सराहना की।

जिलाधिकारी, सुपौल सावन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक, सुपौल आर. एस. शरथ की उपस्थिति एवं सहयोग ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। प्रशासन एवं पुलिस के स्तर से लोक अदालत के सुचारु संचालन में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया।

सुपौल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव तथा अधिवक्ताओं ने भी लोक अदालत को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिवक्ताओं द्वारा पक्षकारों को आपसी समझौते के माध्यम से मामलों के शीघ्र एवं सरल समाधान के लिए प्रेरित किया गया।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल अमित गौरव के नेतृत्व में लोक अदालत की व्यवस्थाओं, पक्षकारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों, बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करने का कार्य प्रभावी ढंग से किया गया।

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