, April 17 -- नक्सल प्रभाव समाप्त होने के परिणामस्वरूप 'शैडो जोन' में स्वास्थ्य सेवाएं अब सुचारू रूप से पहुँच रही हैं।पूर्ण टीकाकरण कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। औरंगाबाद में यह 94 प्रतिशत, जमुई में 91 प्रतिशत, गया में 90 प्रतिशत और लखीसराय में 85 प्रतिशत तक पहुँच गया है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर की संख्या और गुणवत्ता में भी भारी इज़ाफ़ा हुआ है।गया के छकरबंधा पहाड़ी क्षेत्र और मुंगेर, लखीसराय व जमुई में फैले भीमबांध पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा।स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने हेतु प्रेरित किया जाएगा और "मेडल लाओ, नौकरी पाओ" योजना के तहत खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।

बैठक के दौरान श्री अमृत ने विकास कार्यों की गति को और तेज करने के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिये कि सड़क और मोबाइल टावर निर्माण में आ रही पर्यावरण एवं वन स्वीकृति की प्रक्रिया को अत्यंत सरल और पारदर्शी बनाया जाये,जिससे परियोजनाएं समय सीमा के भीतर पूरी हो सकें।

मुख्य सचिव श्री अमृत ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय युवाओं और स्थानीय ठेकेदारों को नियमों में उचित ढील देकर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि इन नक्सल मुक्त क्षेत्रों में सरकार की हर कल्याणकारी योजना अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।

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