, May 16 -- श्री पाल ने कहा कि फिलहाल हल्के वाहनों की लखीसराय बाइपास से गुजरने की अनुमति रहेगी। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को जिला प्रशासन से निरंतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिये, जिससे आम जनता को जाम की समस्या से न जूझना पड़े और सुचारू यातायात के लिए जल्द से जल्द वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर उन्हें चालू किया जा सके।

सचिव श्री पाल ने स्पष्ट कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घटिया निर्माण के लिए एजेंसी के साथ ही अभियंता जिम्मेदार होंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में लखीसराय स्थित मालिया ब्रिज सहित अन्य पुलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त आईआईटी पटना द्वारा राज्य के अन्य पुलों के संबंध में सौंपी गई रिपोर्ट पर भी विमर्श हुआ। आईआईटी ने 9 अन्य प्रमुख ब्रिजों की रिपोर्ट सौंपी है। साथ ही, 37 अलग-अलग अन्य पुलों की भी जांच रिपोर्ट की समीक्षा की गई। सचिव ने निदेश दिये कि इन सभी जांच रिपोर्टों के आधार पर सुरक्षा मानकों का आकलन करते हुए आगे की विधि सम्मत और सुधारात्मक कार्रवाई तेजी से सुनिश्चित की जाये।

सचिव ने कहा कि पथ निर्माण विभाग राज्य में आवागमन को सुरक्षित और सुदृढ़ रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित