, July 15 -- आयोजकों के अनुसार मिथिला की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध दरभंगा इस राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए एक उपयुक्त और यादगार मेजबान शहर साबित होगा। भारत में रेबीज की रोकथाम, नियंत्रण और उन्मूलन के लिए कार्यरत एसोसिएशन फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ रेबीज इन इंडिया ने कहा है कि "वन हेल्थ एप्रोच : वैक्सीनेशन के माध्यम से रेबीज उन्मूलन" विषय पर आधारित राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य वर्ष 2030 तक कुत्तों से फैलने वाले रेबीज से होने वाली मानव मृत्यु को शून्य पर लाना है।

एपीसीआरआई द्वारा प्राप्त जारी जानकारी के अनुसार संस्था की स्थापना वर्ष 1998 में हुई थी और यह रेबीज नियंत्रण के लिए जन-जागरूकता, अनुसंधान, क्षमता निर्माण तथा नीति निर्माण में सहयोग कर रही है। संगठन प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करता है, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञ भाग लेते हैं।

आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) चितरंजन राय ने कहा कि एपीसीआरआई ने वर्ष 2003 और 2017 में राष्ट्रीय स्तर पर बहुकेंद्रीय रेबीज सर्वेक्षण कराया था, जिसमें दरभंगा मेडिकल कॉलेज ने भी भागीदारी की थी।भारत में रेबीज अभी भी एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, खाद्य एवं कृषि संगठन तथा विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से वर्ष 2030 तक रेबीज उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।उन्होंने बताया कि एपीसीआरआई के अनुसार सामुदायिक कुत्तों का कम से कम 70 प्रतिशत वार्षिक टीकाकरण रेबीज के संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने में प्रभावी साबित हो सकता है। संस्था ने जनभागीदारी, निगरानी प्रणाली को मजबूत करने और चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा विभागों के बीच समन्वित प्रयासों पर भी बल दिया है। आयोजन की मेजबानी एपीसीआरआई, दरभंगा की टीम करेगी।

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