पटना, जनवरी 14 -- बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बुधवार को कहा कि बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर (बीआईआरएसएसी)प्रणाली कार्यों की पुनरावृत्ति को रोकेगी, लागत में कमी लाएगी और भूमि, वन तथा क्रॉस-ड्रेनेज जैसी संभावित बाधाओं की प्रारंभिक पहचान संभव बनाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि यह प्रणाली कार्यों की पुनरावृत्ति को रोकेगी, लागत में कमी लाएगी और भूमि, वन तथा क्रॉस-ड्रेनेज जैसी संभावित बाधाओं की प्रारंभिक पहचान संभव बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली आपदा प्रबंधन तथा पराली जलाने जैसी गतिविधियों की निगरानी में भी सहायक होगी। सरकर के विभिन्न विभाग आवश्यकतानुसार इन सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।

श्री अमृत की अध्यक्षता में आज बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर (बीआईआरएसएसी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमे विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की सचिव डॉ. प्रतिमा तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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