, March 30 -- इस दौरान राष्ट्रपति विश्वविद्यालय के अत्याधुनिक 2000 सीटों वाले सभागार 'विश्वमित्रालय' का उद्घाटन भी करेंगी। नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने बताया कि उद्घाटन के बाद राष्ट्रपति, परिसर में आयोजित सहभागिता प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगी, जहां विश्वविद्यालय की संवाद, समावेशिता और सहभागी विकास की अवधारणा को विभिन्न विषयगत स्टॉलों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही वह ग्राम समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ समूह फोटो सत्र में भी भाग लेंगी।

दीक्षांत समारोह की एक खास बात यह भी है कि इस बार पारंपरिक मखमली गाउन की जगह विद्यार्थियों के लिए खादी के परिधान अपनाए गए हैं, जबकि विशिष्ट अतिथियों के लिए भागलपुरी रेशम से निर्मित अहिंसा रेशम के वस्त्र तैयार किए गए हैं। यह पहल भारतीय परंपरा और आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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