, May 27 -- सहकारिता मंत्री ने कहा कि कृषि प्रधान और ग्रामीण जनसंख्या वाले राज्य बिहार को इस नई सहकारिता नीति से काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि पैक्सों का विविधीकरण किया जाएगा, जिससे वे अपने पंचायत क्षेत्रों में पेयजल पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग आदि कई प्रकार के रोजगारोन्मुख कार्य कर सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तीकरण होगा। नई सहकारिता नीति के केंद्र में ग्रामीण क्षेत्र, कृषि, ग्रामीण महिलाएं तथा दलित और आदिवासी समुदाय होंगे।

श्री यादव ने कहा कि इस नीति के तहत पैक्सों में कमजोर वर्ग की भागीदारी विशेष कर महिलाओं सदस्यता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा। आदर्श गांव स्थापित किए जाएंगे, जहां हर प्रकार के सहकारी विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहद, मसाले और औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रयास किए जाएंगे, इससे बैंकों से ऋण लेना आसान हो जाएगा।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि बिहार राज्य सहकारिता नीति 2026 से रोजगार सृजन और युवाओं का सशक्तीकरण होगा। पर्यटन, टैक्सी, बीमा और हरित ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में सहकारी इकाइयों की स्थापना से बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह अपर सचिव अभय कुमार सिंह समेत विभाग के कई वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।

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