, Aug. 12 -- सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता नीति के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, किसानों, उद्यमियों और वंचित समुदायों को सहकारिता आंदोलन से जोड़कर आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और सामूहिक समृद्धि को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग सब्जी के कलेक्शन सेंटर में बेहतर आधारभूत संरचना विकसित करेगा। 350 पंचायतों में सब्जी संग्रहण केंद्र और 50 प्रखंडों में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने कहा कि हर थाली में बिहार की तरकारी हो, इसके लिए भी सरकार काम कर रही है । इसके लिए बड़े पैमाने पर किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जल्द ही सुधा डेयरी के बूथ की तरह तरकारी बूथ 'वेजफेड' के माध्यम से जगह-जगह खोले जाएंगे। इससे रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 के रबी मौसम से राज्य में लागू करने की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत किसानों को उनकी कृषि लागत के समतुल्य क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान सुनिश्चित होगा। किसानों को बहुत कम प्रीमियम राशि देनी होगी और प्रीमियम में राज्य एवं केंद्र सरकार भी अपना अंश देंगी।उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में 36.85 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 6902 समितियों के माध्यम से 5.40 लाख किसानों से 36.79 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई। अधिप्राप्त धान के विरुद्ध राज्य खाद्य निगम को 24.57 लाख मीट्रिक टन यानी 98.47 प्रतिशत चावल की आपूर्ति की जा चुकी है।राज्य की सहकारी समितियों में 7,452 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे 18.827 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता का सृजन हुआ है।
मंत्री ने कहा कि 'सहकारिता में सहकार' के तहत 186 दुग्ध सहकारी समितियों, 618 पैक्स, 19 प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों और सात अन्य सहकारी समितियों को बैंक मित्र के रूप में विकसित कर माइक्रो-एटीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि 16 अगस्त 2026 से एक माह तक विशेष अभियान चलाकर दुग्ध सहकारी समितियों, पैक्स, पीवीसीएस, अन्य सहकारी समितियों और उनके सदस्यों के खाते खोले जाएँगे।
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