, Feb. 8 -- श्री यादव ने बताया कि कुल 92 प्रदर्शों को प्रथम पुरस्कार, 88 प्रदर्शों को द्वितीय पुरस्कार एवं 89 प्रदर्शों को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार के रूप में 04 लाख 60 हजार रूपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 03 लाख 52 हजार रूपये एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 02 लाख 67 हजार रूपये सभी चयनित प्रदर्शों के लिए प्रदान किया गया। 03 लाख रूपये की पुरस्कार प्राप्त कर भागलपुर जिला प्रथम, 02 लाख बाईस हजार रूपये के साथ वैशाली जिला द्वितीय एवं 67 हजार रूपये के पुरस्कार के साथ पूर्णियाँ जिला तीसरे स्थान पर रहा।
कृषि मंत्री ने कहा कि बागवानी महोत्सव में बिहार के सभी क्षेत्रों से कृषकों ने प्रदर्श लाए। बागवानी महोत्सव 2026 में कुल 807 कृषकों के द्वारा फल, फूल, सब्जी, औषधीय एवं सगंधीय पौधे आदि के 7696 उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। पूर्णियाँ जिला से कृषकों के द्वारा सर्वाधिक 930 प्रदर्श लाए गए। वहीं 777 प्रदर्श के साथ पटना जिला द्वितीय स्थान पर एवं 765 प्रदर्श के साथ वैशाली जिला तृतीय स्थान पर रहा। सब्जी वर्ग में कुल 67, मशरूम वर्ग के 6, फल वर्ग के 21, प्रसंस्कृत उत्पाद वर्ग के 12, शहद वर्ग के 11, पान के पत्ते वर्ग के 6, शोभाकारी पौधे वर्ग के 44, बोनसाई के 3, मौसमी फूलों के पौधों के 48, कैक्टस एवं सकुलेन्ट पौधे के 11, पाम वर्ग के 9, कटे फूल वर्ग के 12, कलात्मक पुष्प सज्जा एवं नक्काशी वर्ग के 14, औषधीय एवं सुगंधित पौधों के 3 एवं अन्य उत्पाद के लिए दो पुरस्कार प्रदान किए गए।
श्री यादव ने कहा कि इस महोत्सव में वर्ग 6-9 के बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 82 बच्चों ने भाग लिया। दानापुर से रिया को प्रथम, मुहम्मदी से अक्शा को द्वितीय एवं पटना से हीं रवि कुमार को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। इन बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, क्वीज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विश्वविद्यालय के 12 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सभी छात्र-छात्राओं को आकर्षक उपहार के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
कृषि मंत्री ने कहा कि बागवानी एवं संबंधित सामग्रियों के 60 से अधिक स्टाॅल लगाए गए। नर्सरी बीज, फल, फूल, हाॅर्टिकल्चर टूल्स, मधु, प्रसंस्कृत उत्पाद के अलावे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों जैसे सीमैप, लखनऊ, उद्यान निदेशालय, गुजरात, इण्डिया पोस्ट, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान, बेंगलूरू, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र, मुजफ्फरपुर, डाॅ॰ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, राष्ट्रीय नारियल विकास बोर्ड, काॅफेड, केन्द्रीय आलू संस्थान केन्द्र, पटना आदि के द्वारा स्टाॅल लगाए गए।
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