, Feb. 7 -- कृषि मंत्री ने बताया कि महोत्सव स्थल पर कुल 60 सुव्यवस्थित काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहाँ किसानों एवं आगंतुकों को बागवानी क्षेत्र से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं, नवीनतम तकनीकी नवाचारों तथा उत्पादों की समग्र, प्रामाणिक और व्यावहारिक जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही आगंतुक इन काउंटरों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों की खरीदारी भी उत्साहपूर्वक कर रहे हैं। इन दो दिनों के दौरान उद्यानिकी पौधों एवं बागवानी उत्पादों की कुल 13.5 लाख रुपये की बिक्री दर्ज की गई।
श्री यादव ने बताया कि किसानों, उद्यमियों और युवाओं को बागवानी से जुड़ी नवीनतम तकनीकों, उन्नत पौध सामग्री तथा फल-सब्ज़ी उत्पादन, प्रसंस्करण, संरक्षण और विपणन की आधुनिक प्रणालियों से अवगत कराने के उद्देश्य से यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव बागवानी क्षेत्र में ज्ञान, नवाचार और नए अवसरों को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि महोत्सव में सब्ज़ी, मशरूम, फल, फल संरक्षण उत्पाद, शहद, पान के पत्ते, शोभाकार एवं पत्तीदार पौधे, बोनसाई, जाड़े के मौसमी फूल, कैक्टस एवं सक्युलेंट, विभिन्न किस्मों के पाम, कटे फूल, कलात्मक पुष्प सज्जा तथा औषधीय एवं सुगंधित पौधों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। आमजनों और विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है।उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से बागवानी को रोजगार एवं स्वरोजगार का प्रभावी साधन बनाया जा रहा है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए भी आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस महोत्सव में भाग लें और बागवानी के माध्यम से समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ें।
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