, Feb. 26 -- कृषि मंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 'छत बागवानी सेवा-दल' के गठन के माध्यम से प्रशिक्षण और सामुदायिक विपणन के अवसर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को नियमित आय प्राप्त हो सके। वहीं युवाओं के लिए 'रूफटॉप गार्डन' स्थापना और परामर्श सेवाओं के रूप में उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
श्री यादव ने कहा,"हमारे किसान भाई-बहन और शहरी गरीब परिवार सीमित संसाधनों में भी अपनी छत को उपजाऊ बनाकर पोषण और आय दोनों बढ़ा सकते हैं। 'छत पर बागवानी' योजना से ताजा एवं सुरक्षित भोजन मिलेगा, घरेलू खर्च घटेगा और महिलाओं तथा युवाओं के लिए हरित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। प्रत्येक शहरी परिवार अपनी छत को हरित बनाकर स्वस्थ परिवार, स्वच्छ वातावरण और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में सहभागी बने,यही हमारा संकल्प है।"इच्छुक लाभार्थी अपने संबंधित नगर निगम क्षेत्र के उद्यान/कृषि कार्यालय अथवा जिला उद्यान पदाधिकारी से संपर्क कर योजना की पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
'छत पर बागवानी' योजना सौंदर्यीकरण, पोषण सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने वाली एक समेकित पहल है, जो हरित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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