, June 29 -- श्री यादव ने कहा कि सहकारिता विभाग के प्रयासों से राज्य के सभी 8,463 पैक्सों में मॉडल बायलॉज अपनाए जा चुके हैं और वे मल्टीपर्पज पैक्स के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी सहकारी समितियों द्वारा मॉडल बायलॉज अपनाने की प्रक्रिया चल रही है। राज्य में 13,370 डेयरी सहकारी समितियों का गठन हो चुका है। 'सात निश्चय-3' के तहत अगले तीन वर्षों में बिहार के सभी 45,000 गांवों में डेयरी सहकारी समितियों का गठन कर दिया जाएगा। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि 'सहकारिता सप्ताह समारोह' पूरे एक सप्ताह तक चलेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम का आयोजन सभी राज्यों में किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार में भी इसका आयोजन किया गया है। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य पैक्स एवं जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं का सशक्तिकरण करना है।
वहीं, बिस्कोमॉन के अध्यक्ष विशाल सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान इन समितियों को जो व्यापक जनसमर्थन मिला है, वह इस बात का प्रमाण है कि इन समितियों का भविष्य उज्ज्वल है।
उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल), नई दिल्ली तथा सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित किया गया था।
इस मौके पर बीबीएसएसएल के अध्यक्ष योगेंद्र कुमार, सहकारिता विभाग के निबंधक, सहयोग समितियां, रजनीश कुमार सिंह, अपर सचिव अभय कुमार सिंह, वेजफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. गगन, बिहार राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह, पैक्सों के प्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया।
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